Meaning of

ख़िरद

khird • خرد

बुद्धि; विवेक

intellect; wisdom

عقل; دانش

Arabic

ये ख़राबातियान-ए-ख़िरद-बाख़्ता सुब्ह होते ही सब काम पर जाएँगे — Jaun Elia
कभी ख़िरद कभी दीवानगी ने लूट लिया तरह तरह से हमें ज़िंदगी ने लूट लिया — Hafeez Banarasi
ख़िरद ने दी जो दबिश मेरे दफ़्तरे-दिल पर तेरा ख़याल मिला है मेरे ठिकानों से — Wajid Husain Sahil
हाए वो भीगा रेशमी पैकर तौलिया खुरदुरा लगे जिस को — Azhar Faragh
जहल-ए-ख़िरद ने दिन ये दिखाए घट गए इंसाँ बढ़ गए साए — Jigar Moradabadi
तुम को मैं बा-ख़िरद समझता था तुम तो अच्छा सा मशवरा देते — Parvez Zaami
चश्म-ए-पुर-नम में बाद-ए-हिज्र शजर लश्कर-ए-ख़्वाब ग़र्क़ होने लगे — Shajar Abbas

ख़िरद बुद्धि और विवेक का सार है, जो मानव विचारों की भूलभुलैया में एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह है। कविता में, यह अक्सर अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर आंतरिक स्पष्टता और सत्य की खोज का प्रतीक बन जाता है।

कवि अक्सर ख़िरद का आह्वान करते हैं ताकि वे ज्ञान और आत्म-खोज के विषयों का अन्वेषण कर सकें। यह अज्ञानता और मूर्खता के विपरीत होता है, और उन लोगों के लिए एक प्रकाशस्तंभ के रूप में कार्य करता है जो ज्ञान की खोज में हैं।

ख़िरद काव्यात्मक परिदृश्य में एक शाश्वत प्रकाशस्तंभ है, जो ज्ञान और सत्य की ओर मार्ग प्रशस्त करता है।