हाए हैरत है ज़माने ने तुझे क्या समझाएक आदम से निकाली हुई हव्वा समझासब समझते हैं तुझे बिंत-ए-फलाँ या ज़ोहजाफिर भी ईसा को ख़ुदा ने तेरा बेटा समझा— ALI ZUHRI