Meaning of

ख़ुद्दार

khuddaar • خوددار

स्वाभिमानी; गरिमामय

self-respecting; dignified

خوددار; باوقار

Persian

मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता — Javed Akhtar
दौलत शोहरत जैसी छोटी चीज़ों का ख़ुद्दारी के आगे कोई मोल नहीं — Poonam Yadav
मैं उस से भीख माँगूं तो मोहब्बत मिल भी सकती है मगर कहती है ख़ुद्दारी मोहब्बत भीख की और तू — Shadab Asghar
बिकने को तो बिकती है खु़द्दारी भी बस थोड़ा-सा रेट ज़ियादा करती है — Sandeep kushwaha
अपनी ख़ुद्दारी तो पामाल नहीं कर सकते उस का नंबर है मगर कॉल नहीं कर सकते — Nadir Ariz
शाम-ए-ग़म करवट बदलता ही नहीं वक़्त भी ख़ुद्दार है तेरे बग़ैर — Shakeel Badayuni
कुछ वो भी अदना इंसां है कुछ अपनी भी ख़ुद्दारी है — Prashant Sitapuri
ख़ुदस मेरा तक़ाज़ा है ये ख़ुद्दारी गिड़गिड़ाना मुझे अच्छा नहीं लगता — arjun chamoli
नहीं करता कोई ख़ुद से किसी को याद जहाँ देखो वहाँ ख़ुद्दार बैठे हैं — Rohit tewatia 'Ishq'

'ख़ुद्दार' शब्द आत्म-सम्मान और गरिमा की भावना को व्यक्त करता है। यह उस आंतरिक शक्ति और गर्व की बात करता है जिसे व्यक्ति अक्सर चुपचाप वहन करता है। कविता में, यह दृढ़ता और विपरीत परिस्थितियों में अपनी कीमत के मौन दावे का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'ख़ुद्दार' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो शांत शक्ति और अडिग गरिमा को समाहित करते हैं। यह समर्पण और समझौते के विषयों के विपरीत है, जो अपनी जमीन पर खड़े होने की महानता को उजागर करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'ख़ुद्दार' आंतरिक गरिमा की शक्ति का प्रमाण है। यह उस शांत शक्ति का जश्न मनाता है जो सच्ची महानता को परिभाषित करती है।