Meaning of

ख़ुर

khur • خور

सूरज; पोषण

sun; nourishment

سورج; پرورش

Persian

एक दिन की ख़ुराक है मेरी आप के हैं जो पूरे साल के दुख — Varun Anand
हाए वो भीगा रेशमी पैकर तौलिया खुरदुरा लगे जिस को — Azhar Faragh
मेरा दिल खुरदरा यूँँ ही नहीं है ये हसीनाओं कई धोखों ने बे-माँसल बनाया है इसे छलकर — Nityanand Vajpayee
वो गुलाबी पंखुरी थी बाग की और मैं मकरन्द लेने आ गया — Divy Kamaldhwaj
काँटा सा जो चुभा था वो लौ दे गया है क्या घुलता हुआ लहू में ये ख़ुर्शीद सा है क्या — Ada Jafarey
एक हो जाएँ तो बन सकते हैं ख़ुर्शीद-ए-मुबीं वर्ना इन बिखरे हुए तारों से क्या काम बने — Abul Mujahid Zahid
मेरे रुख़सार से ज़ुल्फ़ों को वो जब जब हटाता है वो कहता है नज़र उस को मह-ए-ख़ुर्शीद आता है — Dr Bhagyashree Joshi

'ख़ुर' का मूल अर्थ सूरज है, जो जीवन को प्रकाशित और पोषित करता है। कविता में यह जीवन शक्ति और ऊर्जा के अटूट स्रोत का प्रतीक बन जाता है।

कवि अक्सर 'ख़ुर' का उपयोग सुबह और नवीनीकरण की छवियों को उभारने के लिए करते हैं। यह अंधकार के विपरीत, आशा और एक नई शुरुआत के वादे का प्रतीक है।

'ख़ुर' प्रकाश और जीवन के शाश्वत चक्र का प्रतीक है, सूरज की अडिग उपस्थिति की याद दिलाता है।