दरिया की गहराई गोताखोर बताएगाज़िंदा रहना है जिस को और डूबने जाता हैप्रेम की पीड़ा पूछो तो उस प्रेमी से पूछोपूरे मन से जो फिर आधा प्रेम निभाता हैं— nakul kumar