Meaning of

ख़्वाब-ओ-ख़याल

khwaab-o-khayaal • خواب و خیال

सपने और विचार; कल्पना

dreams and thoughts; imagination

خواب و خیال; تصور

Persian

हम सेे सीखो कमाल में रहना
हिज्र में भी विसाल में रहना

होश में सबके साथ रह कर भी
उस के ख़्वाब-ओ-ख़याल में रहना

0

Download Image

ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

74

Download Image

दिल जिन को ढूँढ़ता है न-जाने कहाँ गए
ख़्वाब-ओ-ख़याल से वो ज़माने कहाँ गए

31

Download Image

ऐ ग़में हिज्रां यूँँ रह रह के जलाओ न मुझे
वक़्त गुजरा तू भी आ आ के सताओ न मुझे

चैन से जीने दे मुझ को ओ मेरे ख़्वाब-ओ-ख़्याल
मिट चुकी कब की सुनो ऐसे मिटाओ न मुझे

4

Download Image

तुम अपनी बात पे क़ाएम हो आख़िरी दम तक
हटाओ छोड़ो ये ख़्वाब-ओ-ख़याल की बातें

3

Download Image

अब इस तरह हमारी मुलाक़ात होती है,
ख़्वाब-ओ-ख़यालों में ही फ़क़त बात होती है

0

Download Image

अब इस तरह हमारी मुलाक़ात होती है,
ख़्वाब-ओ-ख़यालों में ही फ़क़त बात होती है

दीदार वास्ते वो चले आते ख़्वाबों में,
हर रात उन की इतनी 'इनायात होती है

0

Download Image

हम सेे सीखो कमाल में रहना
हिज्र में भी विसाल में रहना

होश में सबके साथ रह कर भी
उस के ख़्वाब-ओ-ख़याल में रहना

0

Download Image

ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

74

Download Image

ख़्वाब-ओ-ख़याल सपनों और वास्तविकता के बीच की नाज़ुक अंतःक्रिया को उजागर करता है, एक ऐसा क्षेत्र जहाँ कल्पना अपनी जटिल पैटर्न बुनती है। कविता में, यह विचारों और दृष्टियों की क्षणभंगुर सुंदरता को पकड़ता है, देखे और अनदेखे के बीच का नृत्य।

कवि अक्सर ख़्वाब-ओ-ख़याल में वास्तविकता और कल्पना की सीमाओं की खोज करते हैं। यह अतियथार्थवादी चित्रण और अमूर्त विचार के लिए एक कैनवास के रूप में कार्य करता है, ठोस और अलौकिक के बीच की रेखाओं को धुंधला करता है।

ख़्वाब-ओ-ख़याल हमें हमारे मन के परिदृश्यों में भटकने के लिए आमंत्रित करता है, जहाँ सपने और वास्तविकता काव्यात्मक सामंजस्य में विलीन हो जाते हैं।