ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़यालमता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरहगुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा थाकिसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह— Jaun Elia