Meaning of

ख़्वाह

khwaah • خواہ

इच्छा; कामना

desire; wish

خواہش; آرزو

Persian

मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े — Umair Najmi
इतने अफ़सुर्दा नहीं हैं हम कि कर लें ख़ुद-कुशी और न इतने ख़ुश कि सच में मरने की ख़्वाहिश न हो — Charagh Sharma
बो देता है ख़्वाहिश फिर रोता है सातों दिन अपना मन ही हर ग़म का गहवारा होता है — nakul kumar
मेरी ख़्वाहिश है कि आँगन में न दीवार उठे मेरे भाई मेरे हिस्से की ज़मीं तू रख ले — Rahat Indori
जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था — Jaun Elia
क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे — Muzdum Khan
बस फ़ाइलों का बोझ उठाया करें जनाब मिस्रा ये 'जौन' का है इसे मत उठाइए — Jaun Elia
इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द — Kaifi Azmi

अपने मूल अर्थ में, 'ख़्वाह' एक साधारण इच्छा या कामना को दर्शाता है, जो भीतर से उठती है और पूर्ति की तलाश करती है। कविता में, यह अक्सर आत्मा की तड़प को दर्शाता है, दिल की मौन फुसफुसाहटें जो सांसारिक से परे कुछ की लालसा करती हैं।

कवि अक्सर 'ख़्वाह' का उपयोग अधूरी इच्छाओं या अप्राप्य सपने की लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उदासी या गहरी आशा की भावना को जागृत कर सकता है। यह शब्द 'हवस' के विपरीत है, जो अधिक तात्कालिक, ठोस इच्छाओं को दर्शाता है।

ख़्वाह दिल की गहरी इच्छाओं की मौन गूंज को पकड़ता है, उन सपनों की कोमल याद दिलाता है जिन्हें हम पास रखते हैं फिर भी वे हमारी पहुँच से बाहर रहते हैं।