मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं हैये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं हैमैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँमेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है— Abrar Kashif