Meaning of

ग़जल

ghazal • شہر مراد

गीतिका; प्रेम और विरह की काव्यात्मक अभिव्यक्ति

lyric poem; poetic expression of love and longing

غزل; محبت اور جدائی کا شاعرانہ اظہار

Arabic

पास हमारे आ कर वो शर्माती है
तब जा कर के एक ग़ज़ल हो पाती है

उस को छूना छोटा मोटा खेल नहीं
गर्मी क्या सर्दी में लू लग जाती है

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इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी
लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे

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मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है
तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है

बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम
मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है

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लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है
मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूँ हिंदी मुस्कुराती है

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हम इक ही लौ में जलाते रहे ग़ज़ल अपनी
नई हवा से बचाते रहे ग़ज़ल अपनी

दरअस्ल उस को फ़क़त चाय ख़त्म करनी थी
हम उस के कप को सुनाते रहे ग़ज़ल अपनी

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हर शे'र हर ग़ज़ल पे है ऐसी छाप तेरी
तस्वीर बन रही है इक अपने आप तेरी

तेरे लिए किसी को इतना दीवाना देखा
लगने लगी है मुझ को चाहत भी पाप तेरी

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ज़िक्र तुम्हारा बहुत ज़रूरी इन ग़ज़लों में जानेमन
चाय बिना अदरक को डाले अच्छी थोड़ी बनती है

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ग़ज़ल की नाव में बैठे हुए हम
तेरे ग़म से किनारा कर रहे है

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उस ने मेरा माथा चूमा और वापस जाने को थी
मैं ने बोला शे'र नहीं तू मुझ को पूरी ग़ज़ल सुना

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मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा
सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए

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पास हमारे आ कर वो शर्माती है
तब जा कर के एक ग़ज़ल हो पाती है

उस को छूना छोटा मोटा खेल नहीं
गर्मी क्या सर्दी में लू लग जाती है

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इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी
लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे

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मूल रूप से, ग़ज़ल एक काव्य रूप है जिसमें तुकांत युग्म और एक आवृत्ति होती है, और प्रत्येक पंक्ति समान छंद में होती है। यह परंपरागत रूप से हानि के दर्द और उस दर्द के बावजूद प्रेम की सुंदरता को व्यक्त करती है। समय के साथ, यह प्रेम और विरह के बीच की नाजुक नृत्य का प्रतीक बन गई है, अक्सर एक अधूरी चाहत और तड़प का भाव उत्पन्न करती है।

कवि अक्सर ग़ज़लों का उपयोग अप्राप्य प्रेम, समय के प्रवाह, और यादों की खट्टे-मीठे स्वभाव की थीमों को खोजने के लिए करते हैं। ग़ज़ल की संरचना व्यक्तिगत भावनाओं की गहरी खोज की अनुमति देती है, अक्सर क्षणिक और शाश्वत के बीच विरोधाभास करती है।

ग़ज़ल हृदय की जटिलताओं को व्यक्त करने के लिए एक कालातीत माध्यम बनी रहती है। इसकी सुंदरता इसकी गहन भावनाओं को शालीनता से व्यक्त करने की क्षमता में निहित है।