Meaning of

ग़नीम

ghaneem • غنیم

दुश्मन; विरोधी

enemy; adversary

دشمن; مخالف

Arabic

शरीफ़ इंसान आख़िर क्यूँ इलेक्शन हार जाता है किताबों में तो ये लिक्खा था रावन हार जाता है — Munawwar Rana
बोसा कैसा यही ग़नीमत है कि न समझे वो लज़्ज़त-ए-दुश्नाम — Mirza Ghalib
तेरे बग़ैर भी तो ग़नीमत है ज़िंदगी ख़ुद को गँवा के कौन तेरी जुस्तुजू करे — Ahmad Faraz
कि मैं भी हर किसी से बात नइँ करता करी है बात तुम से ये ग़नीमत है — ABhishek Parashar
ग़नीमत है नगर वालों लुटेरों से लुटे हो तुम हमें तो गांव में अक्सर, दरोगा लूट जाता है — Aalok Shrivastav
गनीमत इसे मिल गया हूँ थी तन्हा ये तन्हाई मेरी — Rohit tewatia 'Ishq'
बंद लफ्ज़ों में एक बात कहूँ आप जैसा कोई शरीफ़ नहीं — Qambar Naqvi

'ग़नीम' शब्द विरोधी की उपस्थिति को दर्शाता है, एक ऐसी शक्ति जो विरोध में खड़ी होती है। कविता में, यह अक्सर बाहरी और आंतरिक दोनों संघर्षों और चुनौतियों का प्रतीक होता है।

'ग़नीम' का उपयोग कवि संघर्ष और चुनौती के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत संघर्ष या व्यापक सामाजिक चुनौती का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द शांति और सद्भाव के विचारों के विपरीत है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'ग़नीम' हमारे सफर को आकार देने वाले हमेशा मौजूद संघर्षों की याद दिलाता है।