Meaning of

ग़म-ए-इश्क़

gham-e-ishq • غم عشق

प्रेम का दुःख; दिल का दर्द; रोमांटिक पीड़ा

sorrow of love; heartache; romantic grief

محبت کا غم; دل کا درد; رومانوی غم

Persian

अब इक बीमार लाओ तो बचें हम मसीहाई है बीमारी हमारी — Swapnil Tiwari
कभी मिरे दिल से पूछो क्या और चाहता है वही ग़म-ए-इश्क़ होता वो ग़म-गुसार होता — arjun chamoli
ये ग़म-ए-इश्क़ फिर ज़ख़्म-ए-बेवफ़ाई के बाइस ही तीस की उम्र में नब्बे का कुहन-साल दिखता है — A R Sahil "Aleeg"
ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में — Jitendra "jeet"
ग़ज़लें शराब यारी ग़म इश्क़ और नग़्में कब क्या कमाल कर दें ये कौन जानता है — Nikhil Tiwari 'Nazeel'
ग़म अगरचे जाँ-गुसिल है प कहाँ बचें कि दिल है ग़म-ए-इश्क़ गर न होता ग़म-ए-रोज़गार होता — Mirza Ghalib
जिसे चाहिए सुख़न की वुसअ'तें ग़म-ए-इश्क़ दस्तियाब हो उसे — Shamse Khan
मुद्दत हुई कहा न कोई शे'र ख़ास-ओ-आम गो यूँँ किया कि आज ग़म-ए-इश्क़ कह लिया — Karal 'Maahi'

'ग़म-ए-इश्क़' वाक्यांश प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव को समेटे हुए है, जहाँ खुशी और दुःख आपस में जुड़ जाते हैं। यह दिल की नाजुकता, तड़प की पीड़ा, और भावनात्मक अनुभव की गहराई में पाई जाने वाली सुंदरता की बात करता है।

कवि अक्सर 'ग़म-ए-इश्क़' का उपयोग प्रेम की द्वैतता का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह गहरी स्नेह के साथ आने वाले गहन दुःख और खुशी को व्यक्त करने के लिए एक कैनवास है।

प्रेम के दुःख की कोमल गले में, 'ग़म-ए-इश्क़' अपना अनंत गीत पाता है।