वफ़ा की राह झूठी रहबरी नेदिए ग़म इश्क़ की जादूगरी नेबहुत से इश्क़ का ख़ूँ कर दिया हैबहुत तोड़े है दिल इस फ़रवरी ने— A R Sahil "Aleeg"