Meaning of

ग़म-ए-ज़िंदगी

gham-e-zindagi • غم زندگی

जीवन का दुःख; जीवन की परेशानियाँ

sorrow of life; life's burdens

زندگی کا غم; زندگی کی مشکلات

Persian

ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़ मुझ को आदत है मुस्कुराने की — Abdul Hamid Adam
ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िंदगी नहीं जलता हुआ दिया हूँ मगर रौशनी नहीं — Behzad Lakhnavi
श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा — Abid Hashri
रहेगा अब अगर ग़म ज़िन्दगी भर तो रहेगा ये तेरा आशिक़ हुआ मैं बस तेरी आदत न हो पाया — Umashankar Lekhwar

यह वाक्यांश जीवन के गहरे, अक्सर भारी दुःख को दर्शाता है। कविता में, यह मानव संघर्ष और अस्तित्व के भावनात्मक भार का सार पकड़ता है।

कवि इसे अस्तित्व के सार्वभौमिक दर्द को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। यह अक्सर खुशी या आशा के क्षणों के साथ विरोधाभास करता है, जीवन की द्वैतता को उजागर करता है।

ग़म-ए-ज़िंदगी मानव अनुभव के साझा दुःख की याद दिलाता है, एक ऐसा विषय जो कविता में गहराई से गूंजता है।