Meaning of

ग़ैर-मुमकिन

ghair-mumkin • رستے

असंभव; मुमकिन नहीं

impossible; not possible

ناممکن; ممکن نہیں

Arabic

दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए — Sibt Ali Saba
अब तो इतनी बार हम रस्ते में ठोकर खा चुके अब तो हम को भी वो पत्थर देख लेना चाहिए — Bharat Bhushan Pant
याद उसे भी एक अधूरा अफ़्साना तो होगा कल रस्ते में उस ने हम को पहचाना तो होगा — Javed Akhtar
डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा — Javed Akhtar
शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है — Shakeel Jamali
पकड़ में आती नहीं है कभी वो शाख़-ए-विसाल हम एक बोसा-ए-गुल के लिए तरसते हैं — Subhan Asad
मोहब्बत नेक-ओ-बद को सोचने दे ग़ैर-मुमकिन है बढ़ी जब बे-ख़ुदी फिर कौन डरता है गुनाहों से — Arzoo Lakhnavi

'ग़ैर-मुमकिन' शब्द सीमाओं और प्रतिबंधों की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह किसी चीज़ के पहुंच से बाहर या क्षमता से परे होने का संकेत देता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानवीय आकांक्षाओं की गहराइयों और सपनों के सामने आने वाली बाधाओं का अन्वेषण किया जा सके।

कवि अक्सर 'ग़ैर-मुमकिन' का उपयोग अप्राप्य इच्छाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आशा और संभावना के शब्दों के विपरीत है। यह सपनों के कैनवास को लालसा के रंगों और अधूरी इच्छाओं के खट्टे-मीठे स्वाद से रंगता है।

कविता की दुनिया में, 'ग़ैर-मुमकिन' आत्मा की गहरी इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।