Meaning of

गुलिस्ताँ

gulistaan • گلستاں

बाग़; स्वर्ग

garden; paradise

باغ; جنت

Persian

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा — Allama Iqbal
अपने दिल के ख़ून से वो गुल खिला देता हूँ मैं रेगज़ारों को गुलिस्ताँ की अदा देता हूँ मैं — Qaisar Sidddiqui
ये तेरा गुलिस्ताँ तेरा चमन कब मेरी नवा के क़ाबिल है नग़्मा मिरा अपने दामन में आप अपना गुलिस्ताँ लाता है — Ali Sardar Jafri
सुनते हैं कि काँटे से गुल तक हैं राह में लाखों वीराने कहता है मगर ये अज़्म-ए-जुनूँ सहरा से गुलिस्ताँ दूर नहीं — Majrooh Sultanpuri
बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था हर शाख़ पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्ताँ क्या होगा — Shauq Bahraichi
शग़्ल था दश्त-नवर्दी का कभी ऐ 'ताबाँ' अब गुलिस्ताँ में भी जाते हुए डर लगता है — Anwar Taban
बहार-ए-गुलिस्ताँ हम को न पहचाने तअज्जुब है गुलों के रुख़ पे छिड़का है बहुत ख़ून-ए-जिगर हम ने — Salik Lakhnavi
हम तो हिक़ारतें भी गुलिस्ताँ से लाए थे और आपने तो प्यार भी फटकार कर दिया — Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
बहार-ए-गुल को गुलिस्ताँ को गुल-जबीनों को ख़ुदा बचाए किसी चश्म-ए-बद से तीनों को — Dharmesh bashar

गुलिस्ताँ का मूल अर्थ एक हरे-भरे बाग़ का है, जहाँ फूल खिले होते हैं और जो सौंदर्य और शांति का प्रतीक होता है। कविता में, यह अक्सर एक आदर्श दुनिया का प्रतीक बन जाता है, जहाँ आत्मा को शांति और सामंजस्य मिलता है।

कवि अक्सर 'गुलिस्ताँ' का उपयोग एक आदर्श स्थान के रूप में करते हैं। यह बंजर परिदृश्यों के विपरीत होता है, आशा और नवीनीकरण का प्रतीक। यह हृदय के बाग़ का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है, जहाँ भावनाएँ खिलती हैं।

गुलिस्ताँ एक काव्यात्मक आश्रय है, जो प्रकृति की सुंदरता के स्थायी आकर्षण का प्रमाण है।