Meaning of

गुल-बदन

gul-badan • احتساب

गुल जैसी काया; नाज़ुक सुंदरता

rose-bodied; delicate beauty

گلاب جیسا جسم; نازک خوبصورتی

Persian

फूलों की सेज पर ज़रा आराम क्या किया उस गुल-बदन पे नक़्श उठ आए गुलाब के — Adil Mansuri
गुल-बदन तू बस मुझे इतना बता दे मैं तुझे छू कर भी क्यूँ ज़िंदा नहीं हूँ — Abhay Mishra
नीमजाँ तक छुटा नहीं दामन वो रही गुल-बदन क़ज़ा कामिल — Kunu

गुल-बदन शब्द एक ऐसे व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जिसकी काया गुलाब की तरह नाज़ुक और सुंदर है। कविता में, यह केवल शारीरिक सुंदरता ही नहीं बल्कि ऐसी सुंदरता की नाज़ुकता और क्षणभंगुरता का प्रतीक है।

कवि अक्सर गुल-बदन का उपयोग प्रिय की अलौकिक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह प्रशंसा और एक प्रकार की लालसा को व्यक्त करता है। यह शब्द अधिक मजबूत वर्णनों के विपरीत है, जो नाज़ुकता को उजागर करता है।

गुल-बदन सुंदरता के क्षणभंगुर आकर्षण को पकड़ता है, प्रशंसा और समय के प्रवाह के बीच नाज़ुक संतुलन की याद दिलाता है।