Meaning of

ज़कात

zakaat • زکات

दान; खैरात

charity; almsgiving

صدقہ; خیرات

Arabic

इश्क़ का है ज़कात और सदका ज़ुल्म हँस के सहो सनम के तुम — A R Sahil "Aleeg"
ज़ुल्म माशूक़ा के सहो हँस कर इश्क़ का सदक़ा और ज़कात है ये — A R Sahil "Aleeg"
कुछ ऐसे करता है वो मुझ सेे बात आहिस्ता आहिस्ता के मालो ज़र की बढ़ती हो ज़कात आहिस्ता आहिस्ता — Amaan mirza
ज़ुल्म माशूक़ा के सहो हँस कर इश्क़ का सदक़ा और ज़कात है ये — A R Sahil "Aleeg"
कभी ब्याही थी बेटियाँ हम ने कभी की थी ज़कात फूलों की — Pritesh Bunker

ज़कात देने और साझा करने की गहरी भावना से जुड़ा एक विचार है। यह केवल एक दान का कार्य नहीं है, बल्कि एक आध्यात्मिक कर्तव्य है जो धन और आत्मा को शुद्ध करता है। कविता में, यह अक्सर निःस्वार्थता और इरादे की पवित्रता का प्रतीक होता है।

कवि ज़कात का उपयोग उदारता और आध्यात्मिक शुद्धिकरण के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह भौतिकवाद के विपरीत आत्मा की समृद्धि को धन से अधिक महत्व देता है। यह कवि की आंतरिक शुद्धता की यात्रा को भी दर्शा सकता है।

कविता में ज़कात देने में निहित समृद्धि की एक कोमल याद दिलाती है। यह निःस्वार्थता में शुद्धता खोजने की हृदय की क्षमता को संबोधित करती है।