Meaning of

ज़ख़्म-ए-कुहन

zakhm-e-kuhan • زخم کہن

पुराना घाव; प्राचीन निशान

old wound; ancient scar

پرانا زخم; قدیم نشان

Persian

'ज़ख़्म-ए-कुहन' वाक्यांश उन घावों की भूतिया छवि प्रस्तुत करता है जो सतह पर लंबे समय से भर चुके हैं लेकिन स्मृति की गहराइयों में अब भी दर्द देते हैं। कविता में, यह अतीत के दुखों के स्थायी दर्द और समय द्वारा छोड़े गए निशानों का प्रतीक है।

कवि 'ज़ख़्म-ए-कुहन' का उपयोग पुराने दिल के दर्द और अदृश्य निशानों के स्थायी दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो आत्मा को आकार देते हैं। यह ताजे घावों के विपरीत है, इतिहास के भार और समय के प्रवाह को उजागर करता है।

कविता के ताने-बाने में, 'ज़ख़्म-ए-कुहन' वर्तमान पर अतीत के अमिट निशानों की याद दिलाता है।