Meaning of

ज़ख़्म-ए-ताज़ा

zakham-e-taaza • زخم تازہ

ताज़ा घाव; हालिया चोट

fresh wound; recent hurt

تازہ زخم; حالیہ چوٹ

Persian

मोहब्बत के हैं पिछले ज़ख़्म ताज़ा मोहब्बत फिर दोबारा कर रहे हैं — Shajar Abbas
नया इस साल ये भी हो रहा है पुराने ज़ख़्म ताज़ा हो रहे हैं — Sohil Barelvi

यह वाक्यांश एक ऐसे घाव की ताजगी और तात्कालिकता को दर्शाता है जो अभी तक नहीं भरा है। कविता में, यह अक्सर उस भावनात्मक दर्द का प्रतीक होता है जो अभी भी जीवंत और स्पष्ट है, हालिया दुःख या विश्वासघात की तीव्रता को पकड़ता है।

'ज़ख़्म-ए-ताज़ा' का उपयोग कवि नए भावनात्मक घावों की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे पुराने, अधिक निशान वाले दर्द के विपरीत रखा जा सकता है, चोट की ताजगी को उजागर करते हुए। अक्सर प्रेम, हानि और विश्वासघात के संदर्भों में उपयोग किया जाता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'ज़ख़्म-ए-ताज़ा' जीवन के अपरिहार्य घावों की तात्कालिक चुभन को पकड़ता है।