Meaning of

ज़र-अफ़्शाँ

zar-afshaan • زر افشاں

सोना बिखेरने वाला; धनवान

gold-spreading; lavish with wealth

سونا بکھیرنے والا; دولت مند

Persian

इस मजलिस-ए-मातम पे ज़र-अफ़्शाँ कफ़न मत रख बशर मौज़ाअ में चलते हैं कपड़े पाक मिट्टी में सने — Nikhil Tiwari 'Nazeel'

'ज़र-अफ़्शाँ' शब्द सोना बिखेरने वाले व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है, चाहे वह वास्तविक हो या रूपक में। कविता में, यह उदारता, वैभव और दूसरों के जीवन को समृद्ध करने के कार्य का प्रतीक है। सोने की चमक और मूल्य के साथ यह शब्द भावनात्मक गहराई को बढ़ाता है।

कवि 'ज़र-अफ़्शाँ' का उपयोग उदारता और धन के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एक दयालु शासक या प्रेमी का वर्णन करने वाले छंदों में प्रकट होता है, जिसकी स्नेह सोने जितना समृद्ध होता है। यह शब्द गरीबी या कमी की छवियों के विपरीत है, जो प्रचुरता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ज़र-अफ़्शाँ' वैभव और उदारता की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक बनकर चमकता है।