Meaning of

ज़हर-ए-ग़म

zahar-e-gham • زہر غم

दुःख का ज़हर; ग़म की कड़वाहट

poison of sorrow; bitterness of grief

غم کا زہر; دکھ کی تلخی

Persian

यह वाक्यांश दुःख की तीव्रता और उसकी समग्रता को ज़हर के रूप में दर्शाता है, जो व्यक्ति के अस्तित्व में घुल जाता है। कविता में, यह भावनात्मक पीड़ा की गहराई और गहरे दुःख के साथ आने वाली कड़वाहट को पकड़ता है।

'ज़हर-ए-ग़म' का उपयोग कवि अक्सर दुःख की अपरिहार्य और संक्षारक प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग यह दिखाने के लिए किया जाता है कि कैसे ग़म जीवन के हर पहलू में समा सकता है, एक स्थायी प्रभाव छोड़ते हुए। यह क्षणिक उदासी के विपरीत है, एक गहरे और स्थायी दुःख पर जोर देता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ज़हर-ए-ग़म' दुःख की स्थायी शक्ति का प्रमाण है। यह हमें भावनात्मक पीड़ा के गहरे प्रभाव की याद दिलाता है।