Meaning of

ज़िक्र-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार

zikr-e-zulf-e-yaar • ذکر زلف یار

प्रिय की ज़ुल्फ़ों का ज़िक्र; सुंदरता की याद

mention of the beloved's hair; reminiscing about beauty

محبوب کی زلفوں کا ذکر; حسن کی یاد

Persian

ज़िक्र-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार रहने दो अभी मसअला है ज़ीस्त का उलझा हुआ — Fazil Ansari

यह वाक्यांश प्रिय की ज़ुल्फ़ों को याद करने की अंतरंग क्रिया को दर्शाता है, जो अक्सर सुंदरता और आकर्षण का प्रतीक होता है। कविता में, यह प्रिय की उपस्थिति के लिए लालसा और प्रशंसा को समेटे हुए है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग नॉस्टेल्जिया और प्रशंसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रिय की मोहक उपस्थिति के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है। ज़ुल्फ़ों की छवि प्रेम में उलझन का प्रतीक भी हो सकती है।

यह वाक्यांश स्मृति और इच्छा के बीच की नाज़ुक नृत्य को पकड़ता है, जो कविता में एक शाश्वत विषय है।