Meaning of

ज़ौक़-ए-तसव्वुर

zauq-e-tasavvur • ذوق تصور

कल्पना का स्वाद; चिंतन में आनंद

taste for imagination; delight in contemplation

تصور کا ذوق; غور و فکر میں لذت

Persian

ऐ शौक़-ए-नज़ारा क्या कहिए नज़रों में कोई सूरत ही नहीं ऐ ज़ौक़-ए-तसव्वुर क्या कीजे हम सूरत-ए-जानाँ भूल गए — Asrar Ul Haq Majaz

'ज़ौक़-ए-तसव्वुर' अपने मूल में कल्पना के क्षेत्र से प्राप्त आनंद को दर्शाता है। कविता में, यह विचारों के परिदृश्यों में भटकने के आनंद को दर्शाता है, जहाँ वास्तविकता और कल्पना आपस में मिलती हैं।

कवि 'ज़ौक़-ए-तसव्वुर' का उपयोग रचनात्मकता के असीम क्षेत्रों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर मन की साधारण से परे जाकर असाधारण को अपनाने की क्षमता को दर्शाता है।

कविता में 'ज़ौक़-ए-तसव्वुर' मन की उड़ान का उत्सव है। यह हमें सपनों की सुंदरता और कल्पना की शक्ति में आनंद लेने के लिए आमंत्रित करता है।