Meaning of

जान-ए-जहाँ

jaan-e-jahaan • جان جہاں

दुनिया की आत्मा; अस्तित्व का सार

soul of the world; essence of existence

جانِ جہاں; وجود کا جوہر

Persian

हो गए राम जो तुम ग़ैर से ए जान-ए-जहाँ जल रही है दिल-ए-पुर-नूर की लंका देखो — Kalb-E-Hussain Nadir
अब गिड़-गिड़ाने की नहीं आदत मिरी जान-ए-जहाँ बेचैन दिल था जो कभी बर्बाद कर डाला मैं ने — Deep kamal panecha
बारिश की बूँद मेरी हथेली पे क्या गिरी सूरत तुम्हारी जान-ए-जहाँ याद आ गई — Faraz Aamir

जान-ए-जहाँ किसी व्यक्ति या वस्तु को ब्रह्मांड का हृदय होने का विचार व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर एक प्रिय का संदर्भ देता है जो कवि की दुनिया के केंद्र में होता है, जो सब कुछ प्रिय है।

कवि इसे गहरी स्नेह और प्रशंसा व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। यह प्रिय को सभी आनंद और अर्थ के स्रोत के रूप में प्रतीक कर सकता है।

जान-ए-जहाँ प्रेम और अस्तित्व के बीच गहरे संबंध को मूर्त रूप देता है।