Meaning of

जीस्त

jeest • زیست

जीवन; अस्तित्व

life; existence

زندگی; وجود

Persian

इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया — Mirza Ghalib
मोहब्बत से निकलना जो कभी तो देखना तुम किताब-ए-ज़ीस्त के पन्नों में लिक्खा क्या गया था — Shubham Rai 'shubh'
दिल ए मरीज़ ने दिल से तुझे पुकारा है तू मेरी ज़ीस्त का अब आख़िरी सहारा है — Almas Rizvi
मौत से कर के दोस्ती हम भी ज़ीस्त से इंतिक़ाम लेते हैं — Upendra Bajpai
अधूरे ज़ीस्त के मिसरे ग़ज़ल कोई अधूरी सी क़वाफ़ी से बदलते तुम मेरी फ़ितरत रदीफ़ों सी — Priya omar
बे-वफ़ा ज़ीस्त बुलबुला निकली कट गई उम्र आँख मलते ही — Dharamraj deshraj
किताब-ए-ज़ीस्त पढ़ते-पढ़ते थक गए किताब-ए-मौत लाके मुझ को दे कोई — Upendra Bajpai

जीस्त स्वयं जीवन के सार को समेटे हुए है, अनुभवों, भावनाओं और समय के प्रवाह से भरी एक यात्रा। कविता में, यह अक्सर अस्तित्व की क्षणभंगुर प्रकृति और इसके क्षणिक पलों में पाई जाने वाली सुंदरता पर विचार करता है।

कवि जीस्त का उपयोग जीवन की समृद्धि, परिवर्तन की अनिवार्यता, और क्षणिक अनुभवों की मार्मिक सुंदरता की खोज के लिए करते हैं।

जीस्त समय और अस्तित्व के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।