Meaning of

जुरअत

jurat • جرأت

साहस; वीरता

courage; bravery

جرأت; بہادری

Arabic

सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है — Nawaz Deobandi
दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती — Nida Fazli
देखो जिन के पैर नहीं हैं वो जुरअत करते हैं कोई दोनों पैरों से भी लँगड़ा हो सकता है — Divya 'Kumar Sahab'
हम अपनी छत पर इबादतों में जो सर झुकाएँ गुनाह कैसा हम अपने हक़ के लिए लड़ेंगे तिरी ये जुरअत नहीं चलेगी — Arman Habib
इश्क़ करने का शौक़ रखते हो गर जुरअत-ए -हिज्र- ए- जावेदानी भी रख — A R Sahil "Aleeg"
उस लब से मिल ही जाएगा बोसा कभी तो हाँ शौक़-ए-फ़ुज़ूल ओ जुरअत-ए-रिंदाना चाहिए — Mirza Ghalib
बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़' डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम — Asrar Ul Haq Majaz
क़लम को ही बना शमशीर हिम्मत कर जो तेरा है उसे लेने की जुर्रत कर — Meem Alif Shaz

'जुरअत' शब्द साहस और वीरता की भावना को समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक आंतरिक शक्ति, अपनी सच्चाई बोलने का साहस, और अपने सपनों का पीछा करने की बहादुरी का प्रतीक है।

कवि 'जुरअत' का उपयोग विद्रोह के कृत्यों का जश्न मनाने के लिए करते हैं, सभी बाधाओं के खिलाफ प्रेम करने का साहस, और अकेले खड़े होने की बहादुरी। यह अक्सर डर के विपरीत होता है, जो मानव आत्मा की विजय को उजागर करता है।

कविता में, 'जुरअत' वह लौ है जो दिल को प्रज्वलित करती है, उसे डर से ऊपर उठने और अपनी सच्ची शक्ति को अपनाने के लिए प्रेरित करती है।