कब से तुम कह रही हो कि फ़ुर्सत नहींकहती ये क्यूँ नहीं मेरी जुरअत नहींअब ये कहने में कितने लगेंगे दिन औरअब मुझे तुम से कोई मुहब्बत नहीं— Naresh sogarwal 'premi'