Meaning of

तअ़ल्लुक़

ta'alluq • تعلق

संबंध; जुड़ाव; बंधन

relationship; connection; bond

تعلق; رشتہ; بندھن

Arabic

न जाने ख़त्म हुई कब हमारी आज़ादी तअल्लुक़ात की पाबंदियाँ निभाते हुए — Azhar Iqbal
'फ़राज़' तर्क-ए-त'अल्लुक़ तो ख़ैर क्या होगा यही बहुत है कि कम कम मिला करो उस से — Ahmad Faraz
हम हैं सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस जो तअ'ल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं — Abbas Tabish
बस एक रस्म-ए-तअल्लुक़ निभाने बैठे हैं वगरना दोनों के कप में ज़रा भी चाय नहीं — Waseem Nadir
हम से कोई तअल्लुक़-ए-ख़ातिर तो है उसे वो यार बा-वफ़ा न सही बे-वफ़ा तो है — Jameel Malik
'मीर' से बैअत की है तो 'इंशा' मीर की बैअत भी है ज़रूर शाम को रो रो सुब्ह करो अब सुब्ह को रो रो शाम करो — Ibn E Insha
तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है — Aziz Nabeel

'तअ़ल्लुक़' एक ऐसा संबंध दर्शाता है जो व्यक्तियों को जोड़ता है, चाहे वह प्रेम, मित्रता या साझा अनुभवों के माध्यम से हो। कविता में, यह मानव भावनाओं के जटिल जाल और हमें जोड़ने वाले अदृश्य धागों की खोज करता है।

कवि 'तअ़ल्लुक़' का उपयोग मानव संबंधों की गहराई में जाने के लिए करते हैं। यह अक्सर अलगाव के विपरीत, एकता और साझा अस्तित्व पर जोर देता है।

कविता में, 'तअ़ल्लुक़' जीवन के ताने-बाने में हमें बांधने वाले गहरे संबंधों को प्रकट करता है।