Meaning of

तक़ाज़ा

taqaza • تقاضا

मांग; आग्रह

demand; insistence

تقاضا; اصرار

Arabic

करती है तो करने दे हवाओं को शरारत मौसम का तकाज़ा है कि बालों को खुला छोड़ — Abrar Kashif
मुझ को ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब ख़ुद उन को ये इंतिज़ार तक़ाज़ा करे कोई — Asrar Ul Haq Majaz
हमारे घर के रिश्तों में अभी बारीकियाँ कम हैं भतीजा मार खाता है तो चाचा बोल देते हैं — Nirbhay Nishchhal
आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे — Iqbal Azeem

'तक़ाज़ा' शब्द तात्कालिकता और आवश्यकता की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर दिल की तीव्र इच्छाओं या सपनों और आदर्शों की निरंतर खोज को दर्शाता है।

कवि 'तक़ाज़ा' का उपयोग लालसा की तीव्रता या प्रेम की मांगों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह इच्छा और कर्तव्य के बीच आंतरिक संघर्ष या किसी की आकांक्षाओं की अटल पुकार का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तक़ाज़ा' मानव लालसा के सार को पकड़ता है, दिल की निरंतर खोज की याद दिलाता है।