याराँ वो जो है मेरा मसीहा-ए-जान-ओ-दिल बे-हद अज़ीज़ है मुझे अच्छा किए बग़ैरमैं बिस्तर-ए-ख़याल पे लेटा हूँ उस के पाससुब्ह-ए-अज़ल से कोई तक़ाज़ा किए बग़ैर— Jaun Elia