Meaning of

ताख़ीर

taakheer • تاخیر

विलंब; स्थगन

delay; postponement

تاخیر; التوا

Arabic

दिल मेरा छोड़ आया उस के पास उस से ताख़ीर से मिला था मैं — Dipendra Singh 'Raaz'
बहुत ताख़ीर से पाया है ख़ुद को मैं अपने सब्र का फल हो गई हूँ — Humaira Rahat
पते पर जल्द पहुँचे या कि कुछ ताख़ीर से पहुँचे है कितनी अहमियत ख़त की ये नामाबर नहीं समझा — Dharmesh bashar
हमारे ही जनाज़े पर निखिल हम देर से पहुँचे परेशाँ हैं हमारी आदत-ए-ताख़ीर से हम तो — Nikhil Tiwari 'Nazeel'
मुझ को मरवा के ही छोड़ेगी ये ताख़ीर मेरी उस की गर्दन पे जो रुक जाए है शमशीर मेरी — Aqib khan

मूल रूप में 'ताख़ीर' समय के फिसलने की भावना को दर्शाता है, एक ऐसा ठहराव जो अनिश्चितता में बदल जाता है। कविता में यह अक्सर प्रतीक्षा, खोए हुए अवसरों या समय के धीमे प्रवाह का रूपक बन जाता है।

'ताख़ीर' का उपयोग कवि प्रतीक्षा की मधुर-कड़वी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमियों के बीच की दूरी या लंबे समय से प्रतीक्षित क्षण की प्रतीक्षा का प्रतीक हो सकता है।

कविता में 'ताख़ीर' समय और इच्छा के भावनात्मक परिदृश्यों की खोज का एक कैनवास बन जाता है।