Meaning of

तक़रार

taqraar • تکرار

विवाद; झगड़ा

argument; dispute

تکرار; جھگڑا

Arabic

बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए लीजिए या दीजिए इनकार रहने दीजिए — Hafeez Jaunpuri
इस वस्ल-ए-इश्क़ में वो पल भी आएगा तकरार सीने में ख़ुद घर कर जाएगी — arjun chamoli
ये ज़िन्दगी तन्हाई का आग़ाज़ करती जा रही तकरार करते थे कभी वो लोग अब चुप हो गए — arjun chamoli
सच ग़लत का तलबगार है ही नहीं इस लिए कोई तकरार है ही नहीं — Manohar Shimpi
ले लो बोसा अपना वापस किस लिए तकरार की क्या कोई जागीर हम ने छीन ली सरकार की — Akbar Merathi
थपेड़ों से भी ऐसे जान मैं तकरार करता हूँ मुहब्बत का यूँँ दरिया तैर कर मैं पार करता हूँ — Danish Balliavi
अब अकेला घर ही मुझ को प्यार करता है कोई आए रश्क में तकरार करता है — arjun chamoli
छोटी छोटी बातों पे तकरार नहीं करते सच्चे दोस्त कभी पीछे से वार नहीं करते — Govind kumar

तक़रार एक दोहराए जाने वाले विवाद या झगड़े की भावना को दर्शाता है। मूल रूप से, यह एक लगातार असहमति या विवाद को संदर्भित करता है। कविता में, यह अक्सर संघर्ष की चक्रीय प्रकृति का प्रतीक है, मानव भावनाओं की जिद और समाधान के संघर्ष पर विचार करता है।

कवि 'तक़रार' का उपयोग संघर्ष और सुलह के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह विरोधी शक्तियों के बीच के तनाव को दर्शा सकता है, चाहे वह आंतरिक हो या बाहरी, और शांति की इच्छा।

कविता में तक़रार मानव संघर्ष की स्थायी प्रकृति को उजागर करता है। यह सद्भाव की ओर मार्ग पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।