Meaning of

तख़्त

takht • تخت

सिंहासन; सत्ता का आसन

throne; seat of power

تخت; اقتدار کی نشست

Persian

दिल्ली में आज भीक भी मिलती नहीं उन्हें था कल तलक दिमाग़ जिन्हें ताज-ओ-तख़्त का — Meer Taqi Meer
एक तख़्ती अम्न के पैग़ाम की टांग दीजे ऊंचे मीनारों के बीच — Aziz Nabeel
सच की डगर पे जब भी रक्खे क़दम किसी ने पहले तो देखी ग़ुर्बत फिर तख़्त-ओ-ताज देखा — Amaan Pathan
जब चली ठंडी हवा बच्चा ठिठुर कर रह गया माँ ने अपने ला'ल की तख़्ती जला दी रात को — Sibt Ali Saba
चंद दिन को तख़्त पर हैं आप इसे मंज़िल न समझें गो अभी ख़ामोश है पर ख़ल्क़ को बुज़दिल न समझें — Ibn E Murad
हर तरफ़ है बे-सर-ओ-सामानी तख़्त-ओ-ताज अब तो उछाले जाएँ — Umrez Ali Haider

तख़्त अधिकार और भव्यता का प्रतीक है, शक्ति और नेतृत्व का प्रतीक। कविता में, यह अक्सर शक्ति की क्षणभंगुर प्रकृति, शासकों के उत्थान और पतन, और नेतृत्व के साथ आने वाली जिम्मेदारी के बोझ का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि तख़्त का उपयोग शक्ति की गतिशीलता और अधिकार की अस्थिरता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह इतिहास की चक्रीय प्रकृति और समय के साथ आने वाले अपरिहार्य परिवर्तन के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है। यह शब्द सत्ता में रहने वालों की अकेलापन और अलगाव की भावना भी जगा सकता है।

तख़्त हमें शक्ति की क्षणभंगुर प्रकृति और सच्चे नेतृत्व की स्थायी खोज की याद दिलाता है।