Meaning of

दफ़अ'तन

dafa'atan • دفعۃً

अचानक; एकाएक

suddenly; all at once

اچانک; یکایک

Arabic

कभी यक-ब-यक तवज्जोह कभी दफ़अ'तन तग़ाफ़ुल मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर — Shakeel Badayuni
हाँ ख़त-ए-क़िस्मत ख़ुदा की दस्तख़त है तुम मिरे हो कोई फ़न आता नहीं पर इक सिफ़त है तुम मिरे हो — 100rav
दिलों पे दस्तख़त करते हुए हम चले जाएँगे बस हँसते हुए हम — Kush Pandey ' Saarang '
देखते हैं तुझे ग़म-ए-दिल तब दफ़अ'तन लफ़्ज़ कुछ निकलते हैं — Manohar Shimpi
मिरे ख़िलाफ़ ही सब दस्तख़त हुए आख़िर मैं चुप रहा तो गुनहगार मुझ को माना है — arjun chamoli
तहरीर-ए-जाँ तहरीर आप लिए फिरते हैं क़त्ल तो करते हैं दस्तख़त नहीं करते हैं — arjun chamoli
इश्क़ के वो सारे दस्तावेज़ लाओ मेज़ पर ख़ून से कर दस्तख़त, तुम सेे निभाऊँ प्यार फिर — Zain Aalamgir
मैं हर्फ़ हर्फ़ लिख रहा हूँ आँसू से धुला हुआ ये काग़ज़ों‍ की धड़कनों पे दस्तख़त है प्यार का — Raj Tiwari
दिल बड़ा ही था सुकूँ में क्यूँँ 'पथिक' दफ़अ'तन जो आप से मिलना हुआ — Suraj "pathik"

'दफ़अ'तन' शब्द अचानकपन की भावना को पकड़ता है, एक ऐसा क्षण जो बिना चेतावनी के आता है और घटनाओं की दिशा को बदल देता है। कविता में, यह जीवन की अप्रत्याशित प्रकृति को दर्शाता है, जहाँ परिवर्तन या अहसास के क्षण बिना किसी सूचना के आते हैं और एक स्थायी प्रभाव छोड़ जाते हैं।

कवि अक्सर 'दफ़अ'तन' का उपयोग अचानक भावनात्मक उथल-पुथल या अहसास के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के दिल में अचानक बदलाव या भाग्य में अप्रत्याशित मोड़ को दर्शा सकता है। यह शब्द घटनाओं के धीमे विकास के विपरीत है, अप्रत्याशित के नाटक को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'दफ़अ'तन' जीवन की अप्रत्याशितता की याद दिलाता है। यह एक ऐसा शब्द है जो आश्चर्य की भावना और अप्रत्याशित के गहरे प्रभाव को पकड़ता है।