Meaning of

दफ़्अ

dafa • دفع

हटाना; निष्कासन; बर्खास्तगी

removal; expulsion; dismissal

ہٹانا; نکالنا; برطرفی

Arabic

वो किस का है इस से क्या लेना देना
बाज़ दफ़ा काफ़ी है उस का होना भी

38

Download Image

जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा
रात इस डर में गुजारी हम ने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा

88

Download Image

आज पहली दफ़ा लगा मुझ को
वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को

बस बिना बात ही बिगड़ता था
बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को

81

Download Image

बेवजह मुझ सेे फिर ख़फ़ा क्यूँ है
ये कहानी ही हर दफ़ा क्यूँ है

कुछ भी मजबूरी तो नहीं दिखती
मैं क्या जानूं वो बे-वफ़ा क्यूँ है

80

Download Image

सोचिए सौ सौ दफ़ा रिश्ता मिरा उस सेे
मर गया है मारकर मुझ को मिरा क़ातिल

62

Download Image

तू मोहब्बत नहीं समझती है
हम भी अपनी अना में जलते हैं

इस दफा बंदिशें ज़ियादा हैं
छोड़ अगले जनम में मिलते हैं

55

Download Image

मैं कैसे मान लूँ कि इश्क़ बस इक बार होता है
तुझे जितनी दफ़ा देखूँ मुझे हर बार होता है

तुझे पाने की हसरत और डर ना-कामियाबी का
इन्हीं दो तीन बातों से ये दिल दो चार होता है

49

Download Image

तुझे ख़याल नहीं है सो हम बढ़ा रहे हैं
फिर इक दफ़ा तेरी ज़ानिब क़दम बढ़ा रहे हैं

बहुत से आए तुझे जीतने की ख़्वाहिश में
हम एक कोने में बैठे रक़म बढ़ा रहे हैं

48

Download Image

एक ग़ज़ल से जिस की मूरत मैं ने आज बनाई है
एक दफ़ा जो वो पढ़ ले तो प्राण प्रतिष्ठा हो जाए

46

Download Image

नौ नए लड़कों को अब तक खा गई नौ-नौ दफ़ा
ये तुम्हारे शहर में क़ातिल हवा या हूर है

43

Download Image

वो किस का है इस से क्या लेना देना
बाज़ दफ़ा काफ़ी है उस का होना भी

38

Download Image

जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा
रात इस डर में गुजारी हम ने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा

88

Download Image

अपने मूल अर्थ में, 'दफ़्अ' का मतलब है किसी अवांछित चीज़ को हटाना या निकालना। कविता में, यह शब्द अक्सर भावनात्मक या आध्यात्मिक शुद्धिकरण का भार वहन करता है, आत्मा को सताने वाले बोझ से मुक्ति।

'दफ़्अ' का उपयोग कवि सांसारिक बंधनों से मुक्ति की लालसा व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक दर्दनाक अध्याय के अंत या दुःख से दिल को शुद्ध करने की इच्छा का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'दफ़्अ' आत्मा की शांति की यात्रा का रूपक बन जाता है। यह पिछले दुःखों के भार को छोड़ने की सार्वभौमिक इच्छा की बात करता है।