Meaning of

दरगाह

dargaah • درگاہ

मज़ार; समाधि

shrine; tomb

مزار; مقبرہ

Persian

दरगाह भी जाती है वो, मंदिर भी जाती है उस मह-ज़बीं ने अब मुझे इंसान कर दिया — "Nadeem khan' Kaavish"
दरगाहों पर चढ़ने हैं या मंदिर में फूल नहीं खिलते हैं इस तैयारी से — Vikas Sahaj
मैं अब भी बंदरगाहों के चक्कर लगाता रहता हूँ कितनी मुद्दत बीत गई है साहिल छोड़े हुए तुम्हें — Milan Gautam
तुम्हारे क़दमों को जब चूमती हूँ लगता है ऐसा कोई जोगन किसी दरगाह की चौखट को चू में है — Firdous khan
शिप कोई भी तो ले लो कहीं से 'हैदर' मेरे दिल को बन्दरगाह करने वाले — Umrez Ali Haider

मूल रूप से, 'दरगाह' एक पवित्र स्थान को दर्शाता है, अक्सर एक पूजनीय व्यक्ति की समाधि। यह आध्यात्मिक शरण और दिव्य उपस्थिति की भावना को जागृत करता है, एक ऐसा स्थान जहाँ सांसारिक और शाश्वत का मिलन होता है।

कवि 'दरगाह' का उपयोग आध्यात्मिकता, भक्ति और आंतरिक शांति की खोज के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रबोधन की यात्रा या सांसारिक उथल-पुथल से एक आश्रय का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'दरगाह' दिव्य के साथ संबंध की मानव लालसा का प्रमाण है।