Meaning of

दर्द-ओ-गम

dard-o-gam • درد و غم

दर्द और दुःख; पीड़ा और संताप

pain and sorrow; grief and anguish

درد و غم; رنج و الم

Persian

हम आज राह-ए-तमन्ना में जी को हार आए न दर्द-ओ-ग़म का भरोसा रहा न दुनिया का — Waheed Quraishi
शौक़ है तुम को मेरी ग़ज़ल, मेरी आवाज़ में सुनने का मेरे अश'आर में दर्दो-ग़म के सिवा कुछ भी तो है नहीं — A R Sahil "Aleeg"
यही तौर-ए-ज़िंदगी है, मैं दर्दो-ग़म ज़ख़्म अपने दिखाता सारे जहाँ को हूँ पर अपनों को नहीं मैं — A R Sahil "Aleeg"
सुना है खूब दर्द-ओ-ग़म सुनाते हो जमाने को तो लाओ दर्द अपना सारे का सारा मुझे दे दो — AYUSH SONI
ये कैसा क़र्ज़ मैं ने ले-लिया है इश्क़ का, क्या बतलाऊँ मुझे हर रोज़ दर्द-ओ-ग़म से ई एम आई भरना पड़ता है — A R Sahil "Aleeg"
दर्द-ओ-ग़म देने से पहले मुझ को इतना जान लो इंतिकाम-ए-दर्द-ओ-ग़म ले लूँगा तुम सेे हश्र में — Shajar Abbas
अपने दीवाने को देकर दर्द ओ ग़म नाज़ ख़ुद पे किस क़दर करता है वो — Ajeetendra Aazi Tamaam
मुहब्बत ये मुहब्बत वो मुहब्बत सिवाए दर्द-ओ-ग़म के कुछ नहीं है — Zafar Siddqui

दर्द-ओ-गम दर्द और दुःख के आपस में जुड़े अनुभव को दर्शाता है, जो अक्सर मानव स्थिति में अविभाज्य होते हैं। कविता में, यह पीड़ा की एक गहन खोज बन जाती है, जहाँ प्रत्येक तत्व दूसरे को बढ़ाता है, उदासी की एक सिम्फनी बनाता है।

कवि अक्सर 'दर्द-ओ-गम' का उपयोग मानव पीड़ा की गहराई में जाने के लिए करते हैं, हानि, लालसा और मानव आत्मा की दृढ़ता के विषयों का अन्वेषण करते हैं। यह आत्मा के सबसे अंधेरे क्षणों का दर्पण बनता है।

दर्द-ओ-गम कविता की स्थायी शक्ति का प्रमाण है, जो पीड़ा को कला में बदल देती है, मानव हृदय की एक कालातीत गूंज।