दर्द-ओ-गम से हटा ली गई ज़िन्दगीमुश्किलों से निकाली गई ज़िन्दगीफिर किसी रोज़ तुम से मोहब्बत हुईफिर न हम से संभाली गई ज़िन्दगी— Kavi Vikash Shukla