Meaning of

दर्पण

darpan • درپن

आईना; प्रतिबिंब

mirror; reflection

آئینہ; عکس

Sanskrit

बहुत मैं हिम्मत भी कर के 'दानिश' सभी को दर्पण दिखा रहा हूँ मरा पड़ा है यहाँ का मुंसिफ़ यही तो मैं सच बता रहा हूँ — Danish Balliavi
प्रेम राधा प्रेम मोहन है प्रेम स्याही प्रेम दरपन है — Arohi Tripathi
तन छुपाऊँ मन छुपाऊँ क्या करूँँ दर्पण छुपाऊँ हो रहा ज़ाहिर तू सब सेे कैसे ये जीवन छुपाऊँ — Aman Kumar Shaw "Haif"
चाँद दर्पण में उतारा कि उसे छू पाऊँ फ़ासलों में न कमी हो सकी रत्ती भर भी — Javed Aslam
बात ज़रा आगे बढ़ सकती है 'दर्पन' अब इक नंबर डायल भी हो सकता है — Darpan
ये न पूछो आत्म क्या है देह का दर्पण समझ लो — Rakesh Mahadiuree
हमारे प्रेम का तुम ने विसर्जन कर दिया होगा हमारा टूटना तय था कि दरपन कर दिया होगा — Arohi Tripathi
मेरे क़रीब था मगर आँसू नहीं दिखे इतना बदल गया मेरा दर्पण अजीब है — Shiva awasthi
आसमान में चाँद खिला है देख ज़रा चल ऐसा कर दर्पन में ख़ुद को ही देख — Sanskar Shrivastav

'दर्पण' शब्द केवल भौतिक रूपों को नहीं, बल्कि भीतर छिपे गहरे सत्य को भी दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर आत्मनिरीक्षण और आत्मबोध का प्रतीक होता है।

कवि 'दर्पण' का उपयोग पहचान और सत्य के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह आत्मा की समझ की खोज के लिए एक रूपक हो सकता है।

कविता में, 'दर्पण' आंतरिक आत्मा के लिए एक द्वार के रूप में कार्य करता है, जो प्रतिबिंब और रहस्योद्घाटन को आमंत्रित करता है।