Meaning of

दश्त

dasht • دشت

मरुस्थल; जंगल

desert; wilderness

صحرا; جنگل

Persian

मुझ को किस दश्त से लाई थी कहाँ छोड़ गई इन हवाओं से कोई पूछने वाला भी नहीं — Tehzeeb Hafi
दीवारों पर दस्तक देते रहिएगा दीवारों में दरवाज़े बन जाएँगे — Kunwar Bechain
वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ — Noon Meem Rashid
दश्त जैसी उजाड़ हैं आँखें इन दरीचों से ख़्वाब क्या झांकें — Siraj Faisal Khan
शग़्ल था दश्त-नवर्दी का कभी ऐ 'ताबाँ' अब गुलिस्ताँ में भी जाते हुए डर लगता है — Anwar Taban
अपने हमराह जो आते हो इधर से पहले दश्त पड़ता है मियाँ इश्क़ में घर से पहले — Ibn E Insha
ये एक अब्र का टुकड़ा कहाँ कहाँ बरसे तमाम दश्त ही प्यासा दिखाई देता है — Shakeb Jalali
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में — Anis shah anis

यह शब्द एक बंजर परिदृश्य की विशालता और एकांत को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अलगाव, आत्मनिरीक्षण, और प्रकृति की कठोर सुंदरता का प्रतीक है।

कवि इसे एकांत, अस्तित्व, और आंतरिक यात्रा की खोज के लिए उपयोग करते हैं। यह हरे-भरे, उपजाऊ चित्रण के विपरीत लचीलापन और सहनशक्ति को उजागर कर सकता है।

अपनी मौन विस्तार में, 'दश्त' भीतर की विशालता पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।