Meaning of

दिल-ए-शिकस्ता

dil-e-shikasta • دل شکستہ

टूटा हुआ दिल; निराश दिल

broken heart; heart in despair

ٹوٹا ہوا دل; دل شکستہ

Persian

बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका — Arzoo Lakhnavi
दिल-शिकस्ता हो गया है और फिर भी जल रहा है एक ग़म है जो कहीं दिल में हमारे पल रहा है — Sagar Sahab Badayuni
इक मैं हूँ जिस सेे डीपी तक नईं बदली जाती इक वो है जो हर इक दिन महबूब बदलता है — Irshad Siddique "Shibu"
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला और डूबने वालों का जज़्बा भी नहीं बदला — Ghulam Mohammad Qasir
ग़ज़ल के क़ाफ़िए बदले, ग़ज़ल बदली ग़ज़ल के फिर मआ'नी भी नए रक्खे — Dileep Kumar
मिरी जगह कोई और उस की जगह कोई और कहानी तो नहीं बदली बदल गए किरदार — Raj Tiwari

यह वाक्यांश एक ऐसे दिल की छवि प्रस्तुत करता है जिसने गहरी पीड़ा और निराशा का सामना किया है। कविता में, यह अक्सर प्रेम और जीवन द्वारा दिए गए गहरे भावनात्मक घावों का प्रतीक होता है।

कवि इसका उपयोग भावनात्मक पीड़ा की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आशा और उपचार के शब्दों के विपरीत होता है, निराशा से दृढ़ता तक की यात्रा को उजागर करता है।

दिल-ए-शिकस्ता एक दिल की मौन चीखों का सार प्रस्तुत करता है। यह कमजोरी में पाई जाने वाली दृढ़ता का प्रमाण है।