बस इतनी सी मेरी तक़दीर बदलीकभी ज़िंदाँ कभी ज़ंजीर बदलीन इन आँखों ने अपने ख़्वाब बदलेन ख़्वाबों ने कोई ता'बीर बदली— Javed Ahmad