Meaning of

दिल-रुबा

dil-ruba • دلربا

दिल चुराने वाला; प्रिय

heart-stealer; beloved

دل چرانے والا; محبوب

Persian

दिल के दरवाज़े पे कोई भी नहीं है
दिलरुबा की यादों से हैं गुज़रे लम्हें

0

Download Image

लिखना जो हुआ ख़ुद को इक दिया लिखूँगा मैं
दिलरुबा को अपने बहती हवा लिखूँगा मैं

बे-चैन हो ख़त पढ़ के उस को नींद ना आए
नाम अपना कोने में सर-फिरा लिखूँगा मैं

इश्क़ की ग़ज़ल मेरी हो गई मुकम्मल तो
ख़ुद रदीफ़ बन तुम को क़ाफ़िया लिखूँगा मैं

9

Download Image

दिलरुबा तुझ से बिछड़ कर सोचता हूँ
यार अब मैं क्या करूँँ इस ज़िंदगी का

6

Download Image

लफ़्ज़ फिर ख़त में वो बिन लिखा रह गया
दिल लिखा हर जगह दिलरुबा रह गया

4

Download Image

इतना प्यारा है तू दिलरुबा बाँटे सब में ख़ुशी ही ख़ुशी
फूल खिलने लगे उस जगह तू जिधर मुस्कुराने लगा

3

Download Image

हर ख़राब चीज़ में भी ठीक चीज़ है
दुनिया भी हसीन है ये दिलरुबा के साथ

3

Download Image

साथ जिस के हो हर पल रवाँ
शख़्स वो ही तो है दिलरुबा

1

Download Image

अब से तुम भी ग़ज़ल कहो प्यारे
ज़िंदगी को अजल कहो प्यारे

उस को बस मेरी दिलरुबा ही नहीं
मेरी मेहनत का फल कहो प्यारे

1

Download Image

तेरी हर अदा है दिलकश तेरा हुस्न दिलरुबा है
तुझे जब से मैं ने देखा मुझे इश्क़ हो गया है

1

Download Image

अलविदा दुनिया मेरे महबूब का बस ध्यान रखना
और नज़्मों गीत ग़ज़लों से मेरी पहचान रखना

रोज़ ख़्वाबों में तेरे आया करूँगा दिलरुबा पर
शर्त इतनी है कि चेहरे पर ज़रा मुस्कान रखना

0

Download Image

दिल के दरवाज़े पे कोई भी नहीं है
दिलरुबा की यादों से हैं गुज़रे लम्हें

0

Download Image

लिखना जो हुआ ख़ुद को इक दिया लिखूँगा मैं
दिलरुबा को अपने बहती हवा लिखूँगा मैं

बे-चैन हो ख़त पढ़ के उस को नींद ना आए
नाम अपना कोने में सर-फिरा लिखूँगा मैं

इश्क़ की ग़ज़ल मेरी हो गई मुकम्मल तो
ख़ुद रदीफ़ बन तुम को क़ाफ़िया लिखूँगा मैं

9

Download Image

'दिल-रुबा' शब्द एक मोहक उपस्थिति की छवियों को उकेरता है जो दिल को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह किसी की आकर्षण और मोहकता को व्यक्त करता है जो सहजता से स्नेह और प्रशंसा को आकर्षित करता है, सुंदरता और प्रेम के सार को समाहित करता है।

कवि अक्सर 'दिल-रुबा' का उपयोग एक प्रिय का वर्णन करने के लिए करते हैं जिसकी मोहकता अप्रतिरोध्य है। यह एक स्नेहपूर्ण शब्द है, जो प्रिय की सुंदरता और आकर्षण का जश्न मनाता है। यह दुःख या हानि के शब्दों के विपरीत है।

कविता में, 'दिल-रुबा' प्रिय की मोहक उपस्थिति का उत्सव है, प्रेम और सुंदरता की शक्ति का प्रमाण है।