अलविदा दुनिया मेरे महबूब का बस ध्यान रखनाऔर नज़्मों गीत ग़ज़लों से मेरी पहचान रखनारोज़ ख़्वाबों में तेरे आया करूँगा दिलरुबा परशर्त इतनी है कि चेहरे पर ज़रा मुस्कान रखना— Aniket sagar