Meaning of

दुश्मन-ए-जाँ

dushman-e-jaan • دشمن جاں

जीवन का दुश्मन; जानलेवा

enemy of life; life-threatening

زندگی کا دشمن; جان لیوا

Persian

कर दिया क़ुर्बान इक ख़्वाहिश मियाँ दुश्मन-ए-जाँ अब मनाओ जश्न तुम — Shubham Rai 'shubh'
दुश्मन-ए-जाँ ही सही साथ तो इक उम्र का है दिल से अब दर्द की रुख़्सत नहीं देखी जाती — Akhtar Saeed Khan
माँ बुलाती है मेरी यूसुफ़-ए-सानी कह कर भाई सब दुश्मन-ए-जानी की तरह देखें हैं — Shajar Abbas
तुम्हारे दुश्मन-ए-जाँ ग़ैर हैं शजर साहब हमारे अपने ही अहबाब दुश्मन-ए-जाँ हैं — Shajar Abbas

दुश्मन-ए-जाँ अपने मूल में एक भयंकर शत्रु की छवि प्रस्तुत करता है, जो जीवन के मूल को ही चुनौती देता है। कविता में, यह शब्द अक्सर अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर किसी भी गहरी भावनात्मक या अस्तित्वगत खतरे का रूपक बन जाता है।

कवि अक्सर 'दुश्मन-ए-जाँ' का उपयोग एक प्रेमी का वर्णन करने के लिए करते हैं जिसकी भावनाएँ प्रबल होती हैं। यह आंतरिक संघर्षों या सामाजिक दबावों को भी दर्शा सकता है जो किसी की शांति को खतरे में डालते हैं।

कविता में, 'दुश्मन-ए-जाँ' प्रेम और खतरे के बीच के नाजुक संतुलन का प्रतीक बन जाता है। यह हमें जुनून और खतरे के बीच की पतली रेखा की याद दिलाता है।