Meaning of

दुश्वार

dushwaar • دشوار

कठिन; दुष्कर; चुनौतीपूर्ण

difficult; arduous; challenging

مشکل; دشوار; چیلنجنگ

Persian

लबों में आ के क़ुल्फ़ी हो गए अश'आर सर्दी में ग़ज़ल कहना भी अब तो हो गया दुश्वार सर्दी में — Sarfaraz Shahid
ख़ाली जेब ही सब से भारी होती है चलने में कितनी दुश्वारी होती है — Khalid Azad
पहेली ज़िंदगी की कब तू ऐ नादान समझेगा बहुत दुश्वारियाँ होंगी अगर आसान समझेगा — Zubair Ali Tabish
बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना आदमी को भी मुयस्सर नहीं इंसाँ होना — Mirza Ghalib
किसी से इश्क़ करना और इस को बा-ख़बर करना है अपने मतलब-ए-दुश्वार को दुश्वार-तर करना — Abbas Ali Khan Bekhud
कई दुश्वारियाँ गुज़री तुम्हारा ग़म नहीं गुजरा ज़ख़्म थे जब बदन पे, कोई मरहम नहीं गुजरा — Aryan Goswami

'दुश्वार' कठिनाई और चुनौती का सुझाव देता है, अक्सर उन कार्यों या स्थितियों का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है जो बड़े प्रयास की मांग करते हैं। कविता में, यह जीवन के संघर्षों और परीक्षाओं को दर्शाता है।

कवि 'दुश्वार' का उपयोग जीवन में आने वाली चुनौतियों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर व्यक्तिगत संघर्ष या किसी लक्ष्य की ओर कठिन यात्रा के संदर्भ में प्रकट होता है।

अपने काव्य रूप में, 'दुश्वार' जीवन की बाधाओं को पार करने के लिए आवश्यक दृढ़ता को व्यक्त करता है। यह मानव शक्ति और धैर्य का प्रमाण है।