Meaning of

नक़्श-ए-पा

naqsh-e-paa • نقش پا

पदचिह्न; निशान; छाप

footprint; trace; impression

پاؤں کا نشان; نقش; چھاپ

Persian

उस की ख़ामोशियों में भी आवाज़ थी
मैं ही रोता रहा नक़्श-ए-पा देख कर

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इश्क़ का ए'जाज़ सज्दों में निहाँ रखता हूँ मैं
नक़्श-ए-पा होती है पेशानी जहाँ रखता हूँ मैं

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ख़ुद रौशन ख़ुद ही जलता हूँ
ज्यूँ चढ़ता मैं त्यों ढलता हूँ

इक और मैं हूँ मेरे आगे
जिस के नक्श-ए-पा चलता हूँ

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चल रहा था मिरे नक्श-ए-पा पर ये दिल
इश्क़ की फिर गली देखी और मुड़ गया

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वक़्त के बन ग़ुलाम हम सारे
नक़्शे-पा अपने छोड़ जाते हैं

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हमदर्दी के नक़्श-ए-पा को धोता जाए
इक दरिया जो ज़हर का शहर में बहता जाए

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चल रहा था मिरे नक़्श-ए-पा पर ये दिल
इश्क़ की फिर गली देखी और मुड़ गया

मैं वो कूज़ा था जो जुड़ न पाया कभी
पर जब उस ने बनाया तो यूँंँ जुड़ गया

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तिरी कमसिन सी आँखें और ज़ुल्फ़ों से मोहब्बत है
जहाँ हैं नक़्श-ए-पा तेरे वो रस्तों से मोहब्बत है

तिरी ता'रीफ़ में जब से ग़ज़ल लिक्खी है शाइ'र ने
तभी से हम को काग़ज़ और हर्फ़ों से मोहब्बत है

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रौंद कर जो कुछ गया हूँ साथ नक्श-ए-पा में है
जुड़ गया है दर्द मुस्तक़बिल में मेरे जुर्म का

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न होगी ज़ब्त पर ग़ालिब ज़ुलेख़ा दौर-ए-हाज़िर की
शजर हम नक़्श-ए-पा-ए-हज़रत-ए-यूसुफ़ पे चलते हैं

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उस की ख़ामोशियों में भी आवाज़ थी
मैं ही रोता रहा नक़्श-ए-पा देख कर

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इश्क़ का ए'जाज़ सज्दों में निहाँ रखता हूँ मैं
नक़्श-ए-पा होती है पेशानी जहाँ रखता हूँ मैं

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‘नक़्श-ए-पा’ का मूल अर्थ एक पदचिह्न द्वारा छोड़ी गई नाजुक और क्षणिक छाप को दर्शाता है। कविता में, यह उपस्थिति की क्षणभंगुरता और चले गए रास्तों द्वारा सुनाई गई मौन कहानियों का प्रतीक है। रेत में या धूल भरी सड़क पर पदचिह्न की छवि अपने साथ समय के बीतने और स्मृतियों की भावना लाती है।

कवि अक्सर 'नक़्श-ए-पा' का उपयोग स्मृति और लालसा के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह किसी प्रियजन के मौन मार्ग या स्वयं जीवन की क्षणभंगुरता का संकेत दे सकता है। यह शब्द अधिक स्थायी प्रतीकों के विपरीत क्षणभंगुरता में सुंदरता को उजागर करता है।

‘नक़्श-ए-पा’ की नाजुक छाप में, कवि जीवन के क्षणभंगुर नृत्य के लिए एक कैनवास पाते हैं।