Meaning of

नाक़ाम

naqaam • ناکام

असफल; नाकामयाब; अधूरा

unsuccessful; failed; unfulfilled

ناکام; نامراد; نامکمل

Arabic

दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है — Faiz Ahmad Faiz
मिरे सलीक़े से मेरी निभी मोहब्बत में तमाम उम्र मैं नाकामियों से काम लिया — Meer Taqi Meer
दिल-ख़राशी-ओ-जिगर-चाकी-ओ-ख़ूँ-अफ़्शानी हूँ तो नाकाम प रहते हैं मुझे काम बहुत — Meer Taqi Meer
तू ने इक दिन हमें नाकाम कहा और हम ने ख़ुद को अपने भी किसी काम नहीं आने दिया — Sarwar Khan Sarwar
करूँँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता — Ghulam Mohammad Qasir
मुझे मालूम है उस का ठिकाना फिर कहाँ होगा परिंदा आसमाँ छूने में जब नाकाम हो जाए — Bashir Badr
ख़ुद-कुशी करने में भी नाकाम रह जाते हैं हम कौन अमृत घोल देता है हमारे ज़हर में — Anjum Ludhianvi
तितलियाँ उड़ती हैं और उन को पकड़ने वाले सई-ए-नाकाम में अपनों से बिछड़ जाते हैं — Mustafa Zaidi

नाक़ाम शब्द असफल आकांक्षाओं और असफल प्रयास के बाद की शांत स्वीकृति का भाव जगाता है। कविता में, यह अक्सर उन सपनों की उदासीन सुंदरता को दर्शाता है जो अधूरे रह जाते हैं, और यह मानव अनुभव के उस हिस्से को छूता है जहाँ प्रयास और असफलता का सामना होता है।

कवि 'नाक़ाम' का उपयोग खोए हुए प्रेम, अधूरे लक्ष्यों और मानव महत्वाकांक्षा की कड़वी-मीठी प्रकृति की खोज के लिए करते हैं। यह सफलता और विजय के शब्दों के विपरीत, मानव असुरक्षा की मार्मिकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'नाक़ाम' एक ऐसा दर्पण बन जाता है जो उन लोगों के मौन संघर्षों और शांत गरिमा को प्रतिबिंबित करता है जो सपने देखने का साहस रखते हैं।