Meaning of

नार

naar • نار

आग; नरक की आग; तीव्र जुनून

fire; hellfire; intense passion

آگ; جہنم کی آگ; شدید جذبہ

Arabic

किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं — Ali Zaryoun
किनारा कर लिया अच्छा किया प्यारे मुहब्बत नाम है उस का डुबा देती — Rohit Gustakh
एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो — Rahat Indori
अव्वल तो मैं नाराज़ नहीं होता हूँ लेकिन हो जाऊँ तो फिर मुझ सेा बुरा होता नहीं है — Ali Zaryoun
ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़ मुझ को आदत है मुस्कुराने की — Abdul Hamid Adam
ग़ज़ल की नाव में बैठे हुए हम तेरे ग़म से किनारा कर रहे है — Rohit Gustakh
सवाल ये है कि आपस में हम मिलें कैसे हमेशा साथ तो चलते हैं दो किनारे भी — Amjad Islam Amjad
बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं कि छू रहा हूँ तुझे और पिघल रहा हूँ मैं — Irfan Siddiqi

'नार' मूल रूप में जलती हुई आग की छवि प्रस्तुत करता है, जो अक्सर दंड या शुद्धिकरण से जुड़ी होती है। कविता में, यह जलते हुए जुनून या असीमित इच्छा का प्रतीक बन जाता है, जो मानवीय भावनाओं की तीव्रता को पकड़ता है।

कवि अक्सर 'नार' का उपयोग प्रेम या लालसा की जलती हुई प्रकृति को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह ठंडी, शांत छवियों के विपरीत है, भावनाओं की तीव्रता और तात्कालिकता को उजागर करता है।

नार विनाश और जुनून की द्वैतता को समेटे हुए है, एक ऐसी लौ जो जलाती भी है और रोशनी भी देती है।